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मानवीय गतिविधियों में ध्यान एक सबसे महतवपूर्ण प्राकृतिक एवं पुरस्कृत चीज़ है। ध्यान के द्वारा हम आंतरिक शांति, अच्छा स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक जाग्रति का अनुभव कर सकते हैं। आनंद हमारे भीतर है और ध्यान एक कुंजी है इस आनंद को अपने जीवन का स्थायी भाग बनाने में।

यह लघु सत्र आपको आनन्दा के ध्यान अभ्यास से परिचित करवायेगा, जो की परमहंस योगानंद की शिक्षा पर आधारित है।

(ध्यान से परिचय” विषय पर यह एक निःशुल्क  Online Class है।)

इस क्लास में आप जानेंगे:

 १ आनंद संघ क्या है एवं गुरुओं की वंशावली जिनका हम अनुसरण करते हैं।

 २ ध्यान के लाभ। 

 ३ ध्यान क्या है।

 ४ ध्यान का लक्ष्य (चेतना के ३ स्तर)।

 ५ ध्यान का दिशा निर्देश – इसमें ३ तकनीक सीखेंगेhttps://ci6.googleusercontent.com/proxy/x7Az90uC0FlqG1NQNJvbQl7YtYRlnWzoqu2O_ZLb9xIKhYpJarh3aZrZ_qlU6_VKMQpRwI5_nDi9FsJOqf0XSQHw_6yv1VK7rhIBScGS2g=s0-d-e1-ft#https://ssl.gstatic.com/ui/v1/icons/mail/images/cleardot.gif

       – शरीर-मन को शिथिल करने की’

       – एकाग्रता

       – ध्यान में विस्तरण करने की

 ६ ध्यान में बैठने के तरीके।

 ७ ध्यान कब करें।

 ८ ऊर्जा का स्तर बढ़ाने के कुछ व्यायाम।

 ९ निर्देशित ध्यान साधना।

 

“अत्यंत बुरे कर्मो वाला भी यदि निरंतर मेरा ध्यान करता है वह अपने बुरे कर्मो के फलों को शीघ्र नष्ट कर लेता है। महान आत्मा बनकर वह जल्दी ही चिरस्थायी शांति को प्राप्त करता है। अर्जुन, इसे निश्चित जानो: वह भक्त जो मुझ में विश्वास रखता है वह कभी नष्ट नहीं होता।”

भगवान कृष्ण (एक योगी की आत्मकथा)